दोस्तों, हम सभी अपने घरों का निर्माण करते समय उसमें पलम्बर का कार्य भी करवाते हैं। पलम्बर का काम एक घर के लिए निहायत जरूरी है। हम यह भी कह सकते हैं कि पलम्बर का कार्य एक घर की रीड़ की हड्डी के समान है, अगर घर में पलंबर का कार्य बेहतर है, तो वह घर सालों साल तक मजबूत बना रहेगा। तो अब आप समझ ही गए होंगे कि मैं आज आपसे प्लंबर और घर में पलम्बर का कार्य करवाते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, के बारे में जानकारी सांझा करने जा रहा हूं।
घरों मे पलम्बर का कार्य करवाते समय बरती जाने वाली सावधानियां
दोस्तों, हम सभी अपने घरों का निर्माण करते समय उसमें पलम्बर का कार्य भी करवाते हैं। पलम्बर का काम एक घर के लिए निहायत जरूरी है। हम यह भी कह सकते हैं कि पलम्बर का कार्य एक घर की रीड़ की हड्डी के समान है, अगर घर में पलंबर का कार्य बेहतर है, तो वह घर सालों साल तक मजबूत बना रहेगा। तो अब आप समझ ही गए होंगे कि मैं आज आपसे प्लंबर और घर में पलम्बर का कार्य करवाते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, के बारे में जानकारी सांझा करने जा रहा हूं।
पलम्बर की परिभाषा :
पलम्बर एक ऐसा अनोखा शब्द है इसकी प्रसिद्धता अधिक गहराई में पाई जाती है। किसी भी तरह का पदार्थ जैसे पानी, पेट्रोल और गैस आदि वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए पाइप का प्रयोग किया जाता है। इसलिए पाइप को जोड़ने वाले का नाम पाइप फिटर या पलम्बर कहते हैं। पलम्बर का काम पाइप को जोड़ना होता है। परंतु इसके अतिरिक्त भी अधिक जिम्मेवारी होती है।
पलम्बर का कार्य करवाते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ :
- मकान के निर्माण मे प्लंबर की भूमिका बाकी सभी कारीगरों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है। सरकार भी मकान या इमारत के निर्माण के लिए पलंबर के कार्य को महत्वपूर्ण दर्जा देती है।
- जब हम अपने घरों में प्लंबर का कार्य करवाते हैं, तो हमें उस कार्य के लिए कुशल पलंबर का चुनाव करना चाहिए। ताकि हमारे घर की इमारत मजबूत व सालों साल तक ज्यों की त्यों खड़ी रहे, लेकिन हम लोग कुछ थोड़े से पैसों के लालच में एक सस्ते व अकुशल प्लंबर का चुनाव कर लेते हैं। जिसका खामियाजा हमें भविष्य में भुगतना पड़ता है।
- सस्ता और अकुशल प्लम्बर मकान मालिक का सेनेटरी का सामान ज्यादा लगाता हैं, पाइप फिटिंग सहीं स्थान पर नहीं कर पाता हैं, पाइप और ड्रेनेज का सही लेवल नहीं होने के कारण पानी पाइप में खड़ा रहता हैं और सीवेरज पाइप बार बार ब्लॉक होते रहते हैं इन् सभी दिकत्तों का सामना भविष्य में मकान मालिक को करना पड़ता हैं
- अधिकतर मकानों की दीवारों और छतों में सीलन व सिलाब आ जाता है जिसके कारण दीवार और छतों के डिस्टेंपर और पेंट की पकड़ कमजोर हो जाती है और उन पर फफूंदी और नूनी लग जाती है।
- कई बार टाइल लगाने वाला कारीगर टाइल के ज्वाइंट व कॉर्नर सीमेंट से नहीं भरते हैं। जिसके कारण दीवार, छत और फर्श में पानी का सिलाब आना शुरू हो जाता है।
- सीलन होने के कारण मकान मे लोहे के सरिया और पाइप आदि जंग के कारण गल जाते हैं। मकान की नींव भी कमजोर हो जाती है और मकान का जीवनकाल छोटा हो जाता है।
- लोग अपने घरों में उत्तम क्वालिटी के पाइप और मैटेरियल का इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिसके कारण भविष्य में उन्हें प्लंबिंग के कार्य में दिकत्तों का सामना करना पड़ता हैं।
यह खामियाजा मकान के मालिक को भुगतना पड़ता है, बार-बार मकान की मुरम्मत करवानी पड़ती है। उसे बार-बार पाइपों, दीवारों और छतों की रिपेयर करवानी पड़ती है। जिसके कारण उसके पैसे व धन दोनों व्यर्थ होते हैं।
कभी-कभी तो मकान मालिक तनाव मे भी आ जाता है। इसलिए हमें मकान बनवाते समय उत्तम क्वालिटी के पाइप्स और मैटिरियल का चुनाव करना चाहिए।खासतौर पर कुशल प्लंबर और कारिगरों से ही अपने मकान का निर्माण कार्य करवाना चाहिए।
जिसके कारण हम अपने अतिरिक्त धन और समय को खर्च होने से बचा सके और एक मजबूत और टिकाउ मकान का निर्माण कर सके।
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